रात नहीं ख्वाब बदलता है
मंजिल नहीं कारवां बदलता है
जज्बा रखो जितने का
क्योकि किस्मत बदले न बदले
पर वक्त जरूर बदलता है


लोग कहते है की पैसा रखो
बुरे वक्त में काम आएगा
में कहता हूँ ईश्वर पर यकीन रखो
बुरा वक्त ही नहीं आएगा

जो तुम्हारी बात सुनते हुए इधर उधर
देखे उस पर कभी विश्वाश ना करो


याद रखिये ख़ुशी इस बात पर निर्भर
नहीं करती की आप कोण है
या आपके पास क्या है ये पूरी
तरह से इस बात पर निर्भर  करती है
जो आप क्या सोचते है।


आपका हर सपना सच हो सकता है
अगर आप उसे पाने की हिम्मत रखते है


पुत्र की परख विवाह के बाद
पुत्री की परख उसकी जवानी में
पीटीआई की परख पत्नी की बिमारी के समय
पत्नी की परख पति जो गरीबी में
मित्र की परख मुसीबत में
भाई की परख लड़ाई में
औलाद की परख बुढ़ापे में होती है










































































Reviewed by Unknown on December 04, 2018 Rating: 5

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